
कानपुर में गिरफ्तार किए गए डॉ. आरिफ से पूछताछ के बाद पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. आरिफ का संबंध उमर नामक व्यक्ति से था, जो लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों के बीच वित्तीय और रणनीतिक लेन-देन का नेटवर्क सक्रिय था। इस संबंध में जब डॉ. आरिफ के साथी डॉक्टर से पूछताछ की गई, तो उसने कई ऐसे राज खोले जिन्होंने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
साथी डॉक्टर के मुताबिक, आरिफ अक्सर गुप्त कॉल्स पर किसी ‘उमर’ नाम के व्यक्ति से बात करता था और कई बार विदेशों से आने वाले पैकेट्स भी प्राप्त करता था। जांच टीम ने डॉ. आरिफ के क्लीनिक से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, दस्तावेज़ और लैपटॉप बरामद किए हैं जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। बताया जा रहा है कि इन उपकरणों से कई संदिग्ध ईमेल्स और चैट्स प्राप्त हुई हैं जिनमें ‘उमर’ का नाम बार-बार सामने आया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क किसी बड़ी साजिश से जुड़ा हो सकता है। ATS और IB की टीमें मिलकर इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। वहीं, कानपुर के मेडिकल समुदाय में भी इस गिरफ्तारी को लेकर खलबली मच गई है। कई डॉक्टरों ने कहा कि डॉ. आरिफ बाहर से शांत और मददगार व्यक्ति लगता था, लेकिन अब उसके असली चेहरे ने सबको चौंका दिया है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डॉ. आरिफ और उमर के रिश्तों की सच्चाई पूरी तरह सामने आ जाएगी। फिलहाल पुलिस ने दोनों के बीच हुए लेन-देन, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगालना शुरू कर दिया है। इस केस से जुड़े कई और नाम जल्द सामने आ सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश में फैले इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।



