
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच एलपीजी से भरा भारतीय टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। इस टैंकर के सुरक्षित पहुंचने से देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं को काफी हद तक राहत मिली है। अधिकारियों के अनुसार यह जहाज बड़ी मात्रा में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आया है, जिसे देश के अलग-अलग राज्यों में आपूर्ति के लिए भेजा जाएगा। पिछले कुछ दिनों से खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे, क्योंकि यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है, इसलिए इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर देश की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में टैंकर ‘शिवालिक’ का सुरक्षित मुंद्रा पोर्ट पहुंचना सरकार और तेल कंपनियों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। बंदरगाह अधिकारियों ने बताया कि जहाज के पहुंचने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही एलपीजी की अनलोडिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद गैस को विभिन्न डिपो और राज्यों तक पहुंचाया जाएगा ताकि घरेलू और औद्योगिक जरूरतों को पूरा किया जा सके। वहीं अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि मंगलवार को एलपीजी से भरा एक और जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है, जिससे देश में गैस की आपूर्ति और मजबूत होगी। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए भारत लगातार वैकल्पिक स्रोतों और सुरक्षित आपूर्ति मार्गों पर भी काम कर रहा है। फिलहाल ‘शिवालिक’ टैंकर का सुरक्षित आगमन यह संकेत देता है कि चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सक्षम है और आने वाले दिनों में अन्य जहाजों के पहुंचने से स्थिति और स्थिर हो सकती है।



