
वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, मारिया कोरिना मचाडो ने भारत को एक महान लोकतंत्र बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वेनेजुएला आने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र वेनेजुएला में पीएम मोदी का स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात होगी।
मचाडो ने भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “भारत एक महान लोकतंत्र है और पूरी दुनिया आपको देखती है। लोकतंत्र को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।” उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक संघर्ष को भी प्रेरणास्त्रोत बताया और कहा कि शांति कमजोरी नहीं होती; गांधी जी ने यह दिखाया कि अहिंसा से भी आजादी हासिल की जा सकती है।
2024 के राष्ट्रपति चुनावों में मचाडो ने आरोप लगाया कि मादुरो सरकार ने चुनाव परिणामों में धांधली की और सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हजारों निर्दोष लोगों को गायब कर दिया गया और महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार हुआ।
मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लोकतंत्र की लड़ाई में मुख्य सहयोगी बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ बनी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के चलते मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मादुरो ‘गैर-हिंसक सत्ता परिवर्तन’ के लिए राजी होंगे।
मचाडो ने भारत से वेनेजुएला के लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया और कहा कि स्वतंत्र वेनेजुएला में भारत के लिए निवेश के बड़े अवसर होंगे, विशेषकर ऊर्जा, अवसंरचना और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि भारत की आवाज वेनेजुएला के लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण होगी।
इस प्रकार, मारिया कोरिना मचाडो का भारत को दिया गया निमंत्रण और लोकतंत्र की रक्षा में भारत की भूमिका की सराहना, दोनों देशों के बीच भविष्य में मजबूत संबंधों की संभावना को उजागर करती है।



