भारतीयता पर विशेष व्याख्यान: लखनऊ में मोहन भागवत बताएंगे छह ‘स्व मंत्रों’ का महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत लखनऊ में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भारतीयता के मूल भाव पर अपने विचार रखेंगे। इस अवसर पर वे छह ‘स्व मंत्रों’ के माध्यम से समाज में आत्मबोध, आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का संदेश देंगे। बताया जा रहा है कि उनके संबोधन का केंद्र बिंदु ‘स्व’ की अवधारणा होगी, जिसमें स्वदेश, स्वभाषा, स्वसंस्कृति, स्वावलंबन, स्वाभिमान और स्वाधीन चिंतन जैसे विषय शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। भागवत अपने भाषण में इस बात पर जोर दे सकते हैं कि भारतीयता केवल भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जिसमें विविधता में एकता, परिवार व्यवस्था, प्रकृति के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध जैसे मूल्य निहित हैं। वे युवाओं से आह्वान कर सकते हैं कि वे आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम वैचारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारतीय संस्कृति की प्रासंगिकता, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका और समाज में समरसता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। संघ के सूत्रों के अनुसार, छह ‘स्व मंत्र’ व्यक्ति और समाज दोनों को आत्मनिर्भर और मूल्य-आधारित जीवन की ओर प्रेरित करने का माध्यम बनेंगे।



