
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई ने एक बार फिर अपने नाम एक नई उपलब्धि दर्ज कराई है। हाल ही में जारी ‘Happiest City 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को एशिया का सबसे खुशहाल शहर घोषित किया गया है। इस सूची में टोक्यो, सिंगापुर, दुबई और सियोल जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ते हुए मुंबई ने पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैंकिंग में शहरों का मूल्यांकन जीवन स्तर, रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य सुविधाओं और नागरिक संतुष्टि जैसे कई मानकों पर किया गया। मुंबई को उच्च स्कोर मिला क्योंकि यहाँ रोजगार के अवसरों की प्रचुरता है, साथ ही लोगों में सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक उत्साह का स्तर भी काफी ऊँचा है। इसके अलावा, शहर के निवासियों में सामुदायिक भावना और जीवन का जोश भी इसे अन्य शहरों से अलग बनाता है।
टॉप-10 लिस्ट में शामिल शहरों में क्रमशः मुंबई (भारत), टोक्यो (जापान), सिंगापुर, दुबई (यूएई), सियोल (दक्षिण कोरिया), बैंकॉक (थाईलैंड), कुआलालंपुर (मलेशिया), ताइपे (ताइवान), हांगकांग और शंघाई (चीन) का नाम शामिल है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय शहर ने इस सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई का यह स्थान इसकी जीवंत संस्कृति, रोजगार संभावनाओं, और “स्पिरिट ऑफ मुंबई” के कारण संभव हुआ है — वह जज़्बा जो कठिनाइयों में भी मुस्कान बनाए रखता है। चाहे वह लोकल ट्रेन की भीड़ हो, बॉलीवुड का ग्लैमर हो या समुद्र तट की ठंडी हवाएं – मुंबई हर किसी को अपनी ऊर्जा से जोड़ लेती है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “यह मुंबईकरों की मेहनत और सकारात्मक सोच का परिणाम है।” केंद्र सरकार ने भी इस रिपोर्ट को भारत की शहरी प्रगति और ‘Ease of Living’ मिशन की सफलता का प्रतीक बताया।



