विपक्ष नहीं चाहता लोकतंत्र मजबूत हो’ — SIR पर टिप्पणी करने वालों को CM योगी का सख्त जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIR (Systematic Institutional Reform) को लेकर विपक्ष की टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को मजबूत होते देखना ही नहीं चाहता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है, तब विपक्ष अनावश्यक बयानबाजी और भ्रम फैलाने की कोशिश करता है। मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया है, जब SIR को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
CM योगी ने कहा कि SIR का मूल उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना है। इससे संस्थागत ढांचे में सुधार होगा और आम जनता को योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिल सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुधारों से घबराया हुआ है, क्योंकि मजबूत संस्थाएं और साफ-सुथरी व्यवस्था उनकी राजनीति के अनुकूल नहीं हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि व्यवस्थाएं जवाबदेह हों और भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्हें न तो विकास से सरोकार है और न ही जनता की समस्याओं से। SIR जैसे सुधारात्मक कदमों पर सवाल उठाकर विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मजबूत संस्थाओं, कानून के शासन और पारदर्शी प्रशासन से चलता है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
CM योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में शासन की कार्यशैली में बड़ा बदलाव आया है। तकनीक के इस्तेमाल से लेकर प्रशासनिक सुधारों तक, सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। SIR भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका मकसद व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी दबाव में आकर जनहित के फैसलों से पीछे नहीं हटेगी।
अपने बयान के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सकारात्मक सोच और रचनात्मक विपक्ष की जरूरत होती है, लेकिन दुर्भाग्य से मौजूदा विपक्ष इस भूमिका में विफल रहा है। सरकार जनता के भरोसे पर खरी उतरते हुए सुधारों की राह पर आगे बढ़ती रहेगी, चाहे विपक्ष कितना ही शोर क्यों न मचाए।



