UP में धान खरीद तेज़ी से जारी, अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन की खरीद पूरी

उत्तर प्रदेश में धान खरीद अभियान इस वर्ष तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 3.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर समय पर भुगतान और सुविधाजनक खरीद के लिए बनाए गए नए इंतज़ामों का परिणाम है कि इस साल धान खरीद प्रक्रिया पिछली बार की तुलना में और सुचारू नज़र आ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिले और मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रदेश में धान खरीद के लिए स्थापित खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है और डिजिटल रजिस्ट्रेशन व ऑनलाइन टोकन सिस्टम के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। कई जिलों में किसानों ने बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया पहले की अपेक्षा तेज है और मंडी में इंतजार कम हो रहा है। सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े और भुगतान अधिकतम 72 घंटे के भीतर उनके खातों में पहुंच जाए।
धान खरीद की इस तेज़ रफ्तार के पीछे राज्य सरकार की सक्रिय मॉनिटरिंग भी एक अहम कारण है। अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और जिला प्रशासन को किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पहले खरीद की गति धीमी थी, वहां अब अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन भेजे गए हैं।
विशेष ध्यान इस बात पर दिया जा रहा है कि किसानों से धान की नमी और गुणवत्ता को लेकर बेवजह कटौती न की जाए। कई किसानों ने बताया कि इस बार गुणवत्ता जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी की गई है, जिससे विवाद कम हो रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों को धान की कटाई और भंडारण के बारे में जागरूक करने के लिए भी कैम्प आयोजित किए हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में धान खरीद अभियान इस बार बेहतर प्रबंधन और त्वरित प्रक्रिया के कारण सुचारू रूप से चल रहा है। 3.12 लाख मीट्रिक टन की खरीद का आंकड़ा इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी। सरकार का दावा है कि इस बार किसानों को पूरी तरह से सुविधाजनक और पारदर्शी खरीद अनुभव मिलेगा, जिससे उनके हितों की रक्षा होगी और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



