PCS-J भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, 3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्य

योगी सरकार ने PCS-J (प्रांतीय सिविल सेवा – न्यायिक) भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब सिविल जज पद के लिए न्यूनतम 3 वर्ष की वकालत प्रैक्टिस को अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले को न्यायिक प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नए नियमों के तहत अब केवल वही अभ्यर्थी PCS-J परीक्षा में आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास किसी मान्यता प्राप्त न्यायालय में कम से कम तीन वर्षों का व्यावहारिक अनुभव होगा। सरकार का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव से न्यायाधीशों की कार्यकुशलता और निर्णय क्षमता में सुधार होगा।अब तक कानून की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद अभ्यर्थी PCS-J परीक्षा में शामिल हो सकते थे, लेकिन अनुभव की कमी को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है, ताकि न्यायालयों में अनुभवी और व्यवहारिक ज्ञान रखने वाले अधिकारी नियुक्त हो सकें।
इस फैसले के बाद नए कानून स्नातकों को पहले वकालत के क्षेत्र में अनुभव हासिल करना होगा। वहीं, पहले से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के लिए यह बदलाव अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित नियम आगामी भर्तियों में लागू किए जाएंगे।



