
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। यह भवन न केवल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और आधुनिक तकनीकी विकास का संगम भी है। समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह नया विधानसभा भवन नई सोच, नई ऊर्जा और नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है।”
नया विधानसभा भवन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। इसमें ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं, जिससे भवन की लगभग 50 प्रतिशत बिजली की जरूरतें खुद पूरी होंगी। साथ ही, भवन में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बिल्डिंग की सभी मानकों का पालन किया गया है।
इस भवन की डिजाइन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। मुख्य प्रवेश द्वार में छत्तीसगढ़ के लोक-नृत्य, जनजातीय कला और पारंपरिक स्थापत्य के तत्वों को खूबसूरती से उकेरा गया है। विधानसभा का मुख्य हॉल 250 से अधिक विधायकों की क्षमता वाला है, जिसे डिजिटल वोटिंग सिस्टम, ऑडियो-विजुअल कनेक्टिविटी और स्मार्ट डेस्क जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
भवन के अंदर डिजिटल लाइब्रेरी, मीडिया सेंटर, मीटिंग हॉल, और इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था की गई है, जिससे यह भवन पूरी तरह समावेशी बने।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि “विधानसभा सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है जहाँ जनता की आकांक्षाओं को आकार मिलता है।” उन्होंने यह भी कहा कि नया विधानसभा भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्थल बनेगा और छत्तीसगढ़ की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस लोकार्पण के साथ ही छत्तीसगढ़ ने एक नया अध्याय शुरू किया है, जो न केवल विकास का प्रतीक है बल्कि राज्य की पहचान को और मजबूत बनाता है। यह भवन “नए भारत” की दिशा में बढ़ते कदमों की एक और मिसाल पेश करता है।



