
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया और कहा कि हमें इतिहास से प्रेरणा लेकर नया इतिहास रचने के लिए मेहनत करनी होगी। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के दिखाए रास्ते पर चलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, “सरदार पटेल ने न केवल देश को एकता के सूत्र में बांधा, बल्कि हर भारतीय के भीतर राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया और रियासतों को एक झंडे के नीचे लाकर अखंड भारत की नींव रखी।” प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने कर्म से देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि “हमें इतिहास पढ़ने के साथ-साथ इतिहास बनाने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए, क्योंकि आज की मेहनत ही कल के गौरवशाली भारत की नींव है।”
इस अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में हजारों युवाओं और स्कूली बच्चों ने भाग लिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह दौड़ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और नेतृत्व का अद्भुत उदाहरण है, जो हर भारतीय को प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 21वीं सदी का भारत आत्मनिर्भर और सशक्त बन रहा है। देश आज ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल का सपना था कि हर नागरिक देश की प्रगति में भागीदार बने, और आज सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि “भारत की एकता और अखंडता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जब 140 करोड़ भारतीय एक दिशा में सोचेंगे और एक साथ आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी शक्ति हमें रोक नहीं सकती।” राष्ट्रीय एकता दिवस पर यह संदेश पूरे देश में देशभक्ति और गर्व की भावना के साथ गूंज उठा।



