
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होने जा रहे हैं। इस चार दिवसीय दौरे में वह कुल तीन देशों की यात्रा करेंगे, जहां भारत के रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने पर फोकस रहेगा। प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और भारत की भूमिका एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में लगातार उभर रही है। पहले दिन पीएम मोदी अपने दौरे के पहले देश पहुंचेंगे, जहां शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दूसरे दिन प्रधानमंत्री व्यापारिक समुदाय और भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित कर सकते हैं। इसके बाद तीसरे दिन वह दूसरे देश के लिए रवाना होंगे, जहां क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर उच्चस्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जा सकते हैं। यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री तीसरे देश का दौरा करेंगे, जहां ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर बातचीत होगी। चार दिन की इस यात्रा के जरिए भारत न केवल अपने कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को भी स्पष्ट रूप से रखने की रणनीति पर काम करेगा।



