
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में एनडीए के सांसदों से मुलाकात कर आगामी राजनीतिक और विकासात्मक एजेंडे को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार बिहार के लोगों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सांसदों से जनता से सीधे संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान पर तेजी से काम करने का आग्रह किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को लेकर लोगों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए पर भरोसा जताया है और इस भरोसे को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सांसदों को याद दिलाया कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखेगा जब वे अंतिम व्यक्ति तक सही तरीके से पहुंचें। इसके लिए जमीनी स्तर पर निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। मोदी ने कहा कि सांसद केवल संसद तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जनता के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
बैठक में प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं—जैसे आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और रेलवे परियोजनाओं—का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आने वाले समय में रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष फोकस किया जाएगा।
एनडीए सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सकारात्मक राजनीति और जनसेवा ही एनडीए की पहचान है। किसी भी बयान, व्यवहार या निर्णय में जनता के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने सांसदों से विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों और विकास कार्यों के जरिए देने की सलाह दी।
इस बैठक को बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह स्पष्ट संकेत देता है कि एनडीए राज्य में विकास और सुशासन के एजेंडे के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। पीएम मोदी का यह संदेश न सिर्फ सांसदों में उत्साह भरने वाला रहा, बल्कि बिहार की जनता के लिए भी भरोसे की एक मजबूत झलक साबित हुआ कि उनकी उम्मीदों को प्राथमिकता दी जाएगी।



