उत्तर प्रदेश में सख्त हुए प्रदूषण जांच नियम, बिना वैध PUC सर्टिफिकेट सड़क पर निकले तो कार्रवाई तय

उत्तर प्रदेश में वाहनों की प्रदूषण जांच को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अब प्रदूषण जांच (PUC) नियमों को और सख्त बना दिया है। नए निर्देशों के अनुसार अब बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (Pollution Under Control Certificate) के वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। विशेष अभियान चलाकर चेकिंग की जा रही है और जिन वाहनों के पास अपडेटेड PUC नहीं है, उनके खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही अब ऑनलाइन डेटा मॉनिटरिंग के जरिए PUC केंद्रों को परिवहन विभाग के सर्वर से जोड़ा गया है, जिससे फर्जी प्रमाण पत्र पर भी रोक लगेगी। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन का प्रदूषण स्तर तुरंत जांच लें और प्रमाण पत्र की वैधता जरूर चेक करें। अगर प्रमाण पत्र की समय सीमा खत्म हो चुकी है तो तुरंत नजदीकी अधिकृत केंद्र पर जाकर नवीनीकरण कराएं। नियमों का उल्लंघन करने पर हजारों रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन जब्त भी किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। इसलिए वाहन मालिकों को लापरवाही न बरतते हुए सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।



