
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भव्य समारोह में ESTIC 2025 (Emerging Science and Technology Innovation Centre) का उद्घाटन किया। यह केंद्र भारत में विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत अब तकनीक उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक निर्माता देश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।”
ESTIC 2025 का उद्घाटन देश के वैज्ञानिक और तकनीकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह केंद्र स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां नई तकनीकों का विकास, परीक्षण और उत्पादन एक ही छत के नीचे किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि यह पहल ‘विजन 2047’ के तहत भारत को विश्व तकनीकी शक्ति बनाने के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “21वीं सदी नवाचार की सदी है, और जो राष्ट्र नवाचार करेगा वही नेतृत्व करेगा।” उन्होंने बताया कि ESTIC 2025 के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर रिसर्च और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताया कि ESTIC 2025 भारत में ‘Make in India’ और ‘Digital India’ अभियानों को और मजबूती देगा। इसके तहत देशभर के विश्वविद्यालयों, निजी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों को एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म पर लाया जाएगा, जिससे अनुसंधान और उत्पादन दोनों को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं में असीम ऊर्जा और क्षमता है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र बनाया जाए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे आएं, ताकि भारत विश्व में तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सके।
ESTIC 2025 के शुभारंभ के साथ ही देश में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। यह केंद्र न केवल भारत के विकास को गति देगा, बल्कि भविष्य के “न्यू इंडिया” के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा।



