गणतंत्र दिवस 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान को बताया भारत की आत्मा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों और देश के समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान को “राष्ट्रप्रथम” की भावना से ओतप्रोत एक महान दस्तावेज बताते हुए कहा कि संविधान ही भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि कर्तव्यों का भी स्पष्ट बोध कराता है, जिससे एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस समाज का निर्माण संभव हो पाता है।
सीएम योगी ने अपने संदेश में संविधान निर्माताओं, विशेष रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी विचारों और अथक परिश्रम का परिणाम है कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है, जो हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें और देश को विकास, सुरक्षा और समृद्धि के पथ पर आगे ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और इसमें संविधान मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे गणतंत्र दिवस को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि संविधान के प्रति सम्मान, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम के संकल्प के रूप में मनाएं, ताकि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और अधिक मजबूत हो सकें।



