शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने हाल ही में एक इंटरनेशनल डेलिगेशन को ‘बारात’ कहकर तंज कसा था, जो पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया को दिखाने के लिए जा रहा है। इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने संजय राउत की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए उन्हें सार्वजनिक तौर पर नसीहत दी। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मामलों में हमें गंभीरता और मर्यादा रखनी चाहिए। ऐसी बातें देश की छवि पर असर डाल सकती हैं।”
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पवार का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह अनुभवी नेता हैं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका को लेकर अक्सर संतुलित रुख अपनाने की बात करते हैं।
विपक्ष के एक धड़े का मानना है कि डेलिगेशन को लेकर संजय राउत का बयान मज़ाकिया था, जबकि कई नेताओं ने इसे ‘गैर-जिम्मेदाराना’ और ‘अनुचित’ बताया है। शरद पवार की सख्त टिप्पणी ने इस विवाद को और गहराई दे दी है।
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की असलियत उजागर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में विपक्षी नेताओं की भाषा और बयानबाज़ी को लेकर शिष्टाचार और राष्ट्रहित की उम्मीद की जा रही है।



