
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई नीति या बयान नहीं बल्कि पूर्व पाक राजदूत अब्दुल बासित की तीखी टिप्पणी है। अब्दुल बासित ने शहबाज शरीफ पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चापलूसी में किसी को गोल्ड मेडल मिलना चाहिए, तो वह निश्चित रूप से शहबाज शरीफ होंगे। इस बयान ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मचा दी है, वहीं भारत में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मुद्दे पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, जिससे सोशल मीडिया पर मजेदार बहस छिड़ गई।
अब्दुल बासित, जो भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके हैं, अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। उन्होंने शहबाज शरीफ की हालिया गतिविधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक झुकने को तैयार है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि शरीफ परिवार ने हमेशा राजनीतिक फायदे के लिए संस्थानों के साथ “सुविधाजनक संबंध” बनाए रखे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया—“लगता है पाकिस्तान में भी चापलूसी की राजनीति खूब फल-फूल रही है!”
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर #GoldMedalForFlattery ट्रेंड करने लगा। कई पाकिस्तानी यूजर्स ने भी अपने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाया, तो वहीं कुछ ने अब्दुल बासित पर व्यक्तिगत हमले किए। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण पाकिस्तान में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और जन असंतोष को भी उजागर करता है। इमरान खान के समर्थक इसे सरकार की नाकामी के रूप में देख रहे हैं, जबकि शरीफ समर्थक इसे “व्यक्तिगत जलन” करार दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह विवाद न केवल पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वहां के नेताओं के बीच सम्मान और आलोचना की सीमाएं कितनी धुंधली होती जा रही हैं। ऐसे में शशि थरूर जैसे नेताओं का व्यंग्य अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया पर मसाला डाल देता है, जिससे यह बहस सीमाओं से परे जाकर वायरल ट्रेंड बन जाती है।



