
अमेरिका में आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इस ऐतिहासिक स्नोस्टॉर्म के चलते करीब 5 लाख घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे कई राज्यों में अंधेरा छा गया। भारी बर्फबारी और तेज़ हवाओं के कारण पावर ग्रिड पर दबाव इतना बढ़ गया कि कई इलाकों में ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालात इतने गंभीर रहे कि हजारों उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिससे एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। विशेष रूप से Federal Aviation Administration ने सुरक्षा कारणों से कई हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन पर अस्थायी रोक लगाई। सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बर्फ की मोटी चादर के कारण हाईवे बंद करने पड़े और आपातकालीन सेवाओं को भी राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस आपदा का असर मीडिया जगत पर भी देखने को मिला। अमेरिका का प्रसिद्ध अखबार The Buffalo News 153 साल के इतिहास में पहली बार समय पर प्रकाशित नहीं हो सका, क्योंकि प्रिंटिंग प्रेस तक कर्मचारियों का पहुंचना संभव नहीं था। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान पिछले कई दशकों में सबसे तीव्र माना जा रहा है। National Weather Service ने कई राज्यों में ‘ब्लिज़ार्ड वार्निंग’ जारी की है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने नेशनल गार्ड की मदद से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं। फिलहाल लाखों लोग बिजली बहाल होने और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



