सुचेता कृपलानी पुण्यतिथि: यूपी की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि : CM YOJI

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य वीरों ने अपने साहस, त्याग और अदम्य संघर्ष से देश को आज़ादी दिलाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्हीं महान हस्तियों में सुचेता कृपलानी का नाम अत्यंत आदर से लिया जाता है। वे न केवल एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी थीं, बल्कि भारत के संविधान निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही वे उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी रखती हैं। उनकी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुचेता जी का जीवन प्रेरणा, संघर्ष और राष्ट्र सेवा की अद्भुत मिसाल है।
सुचेता कृपलानी का जन्म 1908 में हुआ था और बचपन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना गहराई से रच-बस चुकी थी। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हो गईं। 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया। जेल जाने, संघर्ष करने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद उनके मनोबल में तनिक भी कमी नहीं आई। उनकी संघर्षशीलता ने देशभर के युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने की प्रेरणा दी।
स्वतंत्र भारत के निर्माण में भी उनका योगदान कम नहीं रहा। वे संविधान सभा की सदस्य थीं और उन्होंने महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक जननेत्री के रूप में वे हमेशा सरलता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी गईं।
1963 में जब वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं, तब उन्होंने प्रशासनिक दृष्टि से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके कार्यकाल में शासन की पारदर्शिता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण से जुड़े अनेक प्रयासों को गति मिली। वे हमेशा मानती थीं कि राजनीति जनसेवा का माध्यम है, और उनका पूरा जीवन इसी विचारधारा को समर्पित रहा।
आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करना न केवल कृतज्ञता प्रकट करना है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि देश के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान कितना महत्वपूर्ण रहा है। सुचेता कृपलानी का तप, समर्पण और दृढ़ निश्चय आने वाली पीढ़ियों को सतत प्रेरित करता रहेगा।
सीएम योगी द्वारा दी गई श्रद्धांजलि सुचेता जी के अविस्मरणीय योगदान को सम्मानित करती है और देश को यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझने के लिए ऐसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों का अनुसरण आवश्यक है।



