
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक और बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। खबरों के मुताबिक, ईरान के हवाई क्षेत्र में इजरायल के अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट F-35 Lightning II ने ईरान के रूसी मूल के ट्रेनर-कम-अटैक एयरक्राफ्ट Yakovlev Yak-130 को हवा में ही मार गिराया। इस घटना ने न केवल दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात को लेकर नई चिंताएं भी खड़ी कर दी हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इजरायली विमान ने लंबी दूरी की मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए सटीक निशाना साधा। F-35 अपनी स्टील्थ तकनीक, एडवांस रडार सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता के लिए जाना जाता है, जिससे वह दुश्मन की रडार पकड़ से काफी हद तक बच निकलता है। दूसरी ओर, Yak-130 मुख्य रूप से पायलट प्रशिक्षण के लिए विकसित किया गया था, हालांकि इसे हल्के हमले के मिशनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई एक रणनीतिक संदेश भी हो सकती है। इजरायल लंबे समय से ईरान पर क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने और प्रॉक्सी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में यह एयर इंटरसेप्शन शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय मीडिया में घटना को ‘आक्रामक कार्रवाई’ बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह झड़प बड़े सैन्य टकराव का रूप लेगी या कूटनीतिक माध्यमों से स्थिति को संभाल लिया जाएगा। फिलहाल, मिडिल ईस्ट का आसमान एक बार फिर युद्ध के साये में नजर आ रहा है, जहां तकनीक और रणनीति का मुकाबला सीधे-सीधे शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रहा है।



