
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में कथित धांधली का मुद्दा उठाते हुए इसे “अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला” बताया है। ट्रंप ने इस मामले की औपचारिक जांच की मांग करते हुए कहा कि अमेरिकी जनता को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका में 2024 के चुनावी माहौल की तैयारियां जोरों पर हैं और रिपब्लिकन पार्टी में उनकी उम्मीदवारी को लेकर चर्चा तेज हो रही है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि 2020 के चुनाव में मेल-इन बैलट्स और वोटिंग मशीनों के जरिए व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय डेमोक्रेटिक पार्टी ने जानबूझकर वोटिंग प्रक्रिया में ऐसी खामियां छोड़ीं जिससे जो बाइडन को फायदा मिला। हालांकि, अमेरिकी चुनाव आयोग और कई स्वतंत्र एजेंसियों ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी थे, और किसी भी तरह की बड़े पैमाने पर धांधली का कोई प्रमाण नहीं मिला।
इसके बावजूद ट्रंप और उनके समर्थक अब भी यह दावा करते हैं कि चुनाव में हेराफेरी हुई थी। ट्रंप ने कहा कि “अगर यह मामला अनदेखा किया गया तो यह अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है।” उन्होंने न्याय विभाग और कांग्रेस से इस मुद्दे पर नई जांच शुरू करने की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी चुनावों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे वे उन समर्थकों को फिर से सक्रिय कर सकते हैं जो अब भी 2020 के नतीजों को स्वीकार नहीं करते। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप के आरोपों को “झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास” बताया है।



