ठाणे की मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने सात साल पुराने सड़क हादसे के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने पीड़ित व्यक्ति को 13 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए शख्स ने लंबे समय तक न्याय का इंतज़ार किया, और अब उसे आर्थिक राहत मिली है।
यह हादसा साल 2017 में हुआ था, जब पीड़ित सड़क पार कर रहा था और एक तेज़ रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में उसकी हड्डियाँ टूट गई थीं और उसे महीनों अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।
पीड़ित ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उसने चिकित्सा खर्च, मानसिक और शारीरिक पीड़ा, और कामकाज में आई रुकावट का हवाला दिया था। ट्रिब्यूनल ने सभी साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर पीड़ित को उचित मुआवजा देने का निर्णय लिया।
यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो हादसों के बाद वर्षों तक न्याय और मुआवजे के लिए संघर्ष करते हैं। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि बीमा कंपनी को यह राशि जल्द से जल्द अदा करनी होगी।
मुआवजा तय करते समय ट्रिब्यूनल ने पीड़ित की उम्र, आय और भविष्य में उसकी कामकाजी क्षमता पर पड़े प्रभाव को भी ध्यान में रखा। पीड़ित अब पहले की तरह काम नहीं कर सकता, जिससे उसकी आमदनी पर असर पड़ा है। कोर्ट ने इसे “स्थायी आंशिक विकलांगता” मानते हुए उचित दर से मुआवजा निर्धारित किया।



