UP Board Exam 2026: परीक्षा ड्यूटी से गैरहाजिर 600 शिक्षकों को नोटिस, FIR की चेतावनी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के बीच बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। परीक्षा ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाले करीब 600 शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जवाब तलब किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति या वैध कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना परीक्षा अधिनियम का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
बोर्ड परीक्षाएं संवेदनशील और जिम्मेदारी भरी प्रक्रिया होती हैं, जिसमें प्रत्येक शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य जिम्मेदारियों के लिए शिक्षकों की तैनाती की जाती है। ऐसे में अचानक बड़ी संख्या में शिक्षकों का अनुपस्थित रहना परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। प्रशासन ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता से जुड़ा मामला बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, सभी अनुपस्थित शिक्षकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा कार्य को शासन की प्राथमिकता में रखा गया है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुछ जिलों में वैकल्पिक व्यवस्था कर परीक्षा संचालन को सुचारु रूप से जारी रखा गया, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में लापरवाही से शिक्षा व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है। वहीं शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि किसी शिक्षक के पास वास्तविक कारण था, तो उसे निष्पक्ष सुनवाई मिलनी चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें विभागीय जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। साफ है कि बोर्ड परीक्षाओं में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सख्त संदेश देना चाहता है।



