UP लेखपाल भर्ती: मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद आरक्षण की विसंगति होगी दूर, प्रक्रिया पटरी पर

उत्तर प्रदेश में लेखपाल भर्ती को लेकर सामने आई आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद अब पूरी भर्ती प्रक्रिया फिर से पटरी पर आती दिख रही है। लंबे समय से अभ्यर्थी आरक्षण नियमों के सही पालन न होने और चयन प्रक्रिया में असमानता के आरोप लगा रहे थे, जिससे सरकार की छवि और युवाओं का भरोसा दोनों प्रभावित हो रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की और स्पष्ट निर्देश दिए कि संविधान व राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार ही चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई शुरू हुई और तकनीकी व प्रक्रियागत खामियों को दूर करने का आश्वासन दिया गया। सरकार का कहना है कि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलेगा। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं में यह संदेश भी जाएगा कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। माना जा रहा है कि संशोधित व्यवस्था लागू होने के बाद आरक्षण की विसंगतियां दूर होंगी और लेखपाल भर्ती निष्पक्ष व समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।



