पर्यटन के 12 सर्किट से चमका उत्तर प्रदेश, मंत्री जयवीर सिंह बोले- समावेशी विकास हमारी प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र इन दिनों नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार ने पर्यटन विकास को गति देने के लिए प्रदेश को 12 अलग-अलग पर्यटन सर्किट में विभाजित किया है, जिससे क्षेत्रीय, धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सके। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रसिद्ध स्थलों तक विकास सीमित रखना नहीं है, बल्कि हर समाज, हर क्षेत्र और हर परंपरा की विरासत को पहचान दिलाना और उसे पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि इन सर्किटों में रामायण, कृष्ण, बौद्ध, सूफी, स्वतंत्रता संग्राम, बुंदेलखंड, ब्रज, अवध, महाभारत, शक्तिपीठ, जैन और वन्यजीव जैसे विविध आयामों को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को एक संगठित रूप मिला है और पर्यटकों को थीम आधारित यात्रा का अनुभव प्राप्त हो रहा है। सरकार बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, आवास और डिजिटल गाइड सिस्टम को भी मजबूत कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। मंत्री ने कहा कि इस पहल से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिला है, होटल, हस्तशिल्प, गाइड और परिवहन से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हुई है। प्रदेश की विरासत केवल स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोककला, खानपान, मेले और त्योहार भी पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 12 सर्किट मॉडल के माध्यम से सरकार ने संतुलित और समावेशी विकास का रास्ता चुना है, जिससे पर्यटन केवल राजस्व का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बन रहा है।



