ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मिशन पर योगी आदित्यनाथ, सिंगापुर और जापान से IT सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस विदेश यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। राज्य सरकार पहले ही उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य तय कर चुकी है, और इसी दिशा में वैश्विक कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए यह रणनीतिक पहल की जा रही है। सिंगापुर और जापान दोनों ही देश तकनीक, नवाचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी माने जाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री वहां शीर्ष आईटी कंपनियों, निवेशकों और उद्योग संगठनों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। खासतौर पर डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश में पहले से ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ जैसे शहर आईटी हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं। अब सरकार की कोशिश है कि जापान और सिंगापुर की कंपनियां प्रदेश में अपने विकास केंद्र, रिसर्च यूनिट और मैन्युफैक्चरिंग बेस स्थापित करें।
जापान के साथ उत्तर प्रदेश के संबंध पहले भी मजबूत रहे हैं, विशेषकर इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो परियोजनाओं में सहयोग के रूप में। इस बार आईटी और हाई-टेक इंडस्ट्री पर फोकस रखा गया है। वहीं सिंगापुर की स्मार्ट सिटी और शहरी प्रबंधन की विशेषज्ञता से भी प्रदेश लाभ उठाना चाहता है। मुख्यमंत्री निवेशकों को बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और युवा कार्यबल जैसी खूबियों से अवगत कराएंगे।



