स्नान पर्वों पर VIP प्रोटोकॉल खत्म: माघ मेले को लेकर CM योगी की हाई लेवल मीटिंग

माघ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक हाई लेवल बैठक कर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार का VIP प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला आस्था, समानता और श्रद्धालुओं की सुविधा का पर्व है, जहां हर भक्त एक समान है। किसी भी विशिष्ट व्यक्ति के लिए विशेष व्यवस्था या आम श्रद्धालुओं की आवाजाही में बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्नान पर्वों पर लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि घाटों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और मेडिकल सहायता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम, त्वरित रिस्पॉन्स टीम और एंबुलेंस सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहें। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग जोन और सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि मेले की गरिमा और परंपरा बनी रहे, इसके लिए संतों, कल्पवासियों और स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद रखा जाए। साथ ही, अफवाहों पर रोक लगाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और जनसंपर्क को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा खोया-पाया केंद्रों को सक्रिय रखा जाए। बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि माघ मेला प्रशासनिक दक्षता, मानवीय संवेदना और समानता के मूल्यों का उदाहरण बने। VIP प्रोटोकॉल समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का हिस्सा है, ताकि हर श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के सुरक्षित, सुगम और श्रद्धापूर्ण वातावरण में स्नान कर सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है और यह भरोसा जताया है कि माघ मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अनुकरणीय ढंग से संपन्न होगा।



