
हाल ही में इजरायल ने अपने अत्याधुनिक लेजर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम ‘आयरन बीम’ के जरिए हिजबुल्लाह के हमले को नाकाम कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह सिस्टम पारंपरिक मिसाइल इंटरसेप्टर की जगह हाई-एनर्जी लेजर बीम का इस्तेमाल करता है, जो दुश्मन के रॉकेट, मोर्टार या ड्रोन को लॉन्च के कुछ ही सेकंड के भीतर हवा में ही नष्ट कर देता है। आयरन बीम को इजरायली रक्षा कंपनी Rafael Advanced Defense Systems ने विकसित किया है। यह सिस्टम खासतौर पर कम दूरी से दागे गए रॉकेट और छोटे ड्रोन जैसे खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार सिस्टम सक्रिय होने के बाद हर लेजर शॉट की लागत पारंपरिक मिसाइल की तुलना में बेहद कम होती है, जिससे लंबे समय तक हमलों की स्थिति में भी यह आर्थिक रूप से प्रभावी साबित होता है। आयरन बीम को इजरायल के बहुस्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पहले से Iron Dome जैसी मिसाइल आधारित प्रणाली शामिल है। जहां आयरन डोम मध्यम दूरी के रॉकेटों को इंटरसेप्ट करता है, वहीं आयरन बीम बहुत कम दूरी और तेज गति वाले खतरों को सटीक लेजर से खत्म करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्धों में लेजर आधारित हथियारों की भूमिका बढ़ेगी, क्योंकि ये तेज, सटीक और कम लागत वाले होते हैं। हालांकि, लेजर सिस्टम मौसम की स्थिति जैसे धूल, धुंध या भारी बारिश से प्रभावित हो सकता है, लेकिन तकनीकी सुधारों के जरिए इन चुनौतियों को कम करने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, आयरन बीम इजरायल की सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा तकनीकी कदम माना जा रहा है, जिसने आधुनिक युद्ध प्रणाली की दिशा को नई परिभाषा दी है।



