भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण कब और कहां दिखेगा? जानें ब्लड मून का समय और असर

पूर्ण चंद्रग्रहण, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Lunar Eclipse कहा जाता है, तब घटित होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पूरी तरह पड़ती है। इसी दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। भारत में दिखाई देने वाला अगला पूर्ण चंद्रग्रहण रात के समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, बशर्ते मौसम साफ रहे। देश के अधिकांश हिस्सों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों—में यह नजारा खुली आंखों से देखा जा सकेगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 से 4 घंटे तक रह सकती है, जबकि पूर्ण अवस्था (जब चंद्रमा पूरी तरह लाल दिखाई देता है) करीब 1 से 1.5 घंटे तक रहती है। ग्रहण की शुरुआत आंशिक चरण से होती है, इसके बाद पूर्ण चरण आता है और फिर धीरे-धीरे चंद्रमा अपनी सामान्य चमक में लौटने लगता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक खगोलीय घटना है और इसका पृथ्वी या मानव जीवन पर कोई प्रत्यक्ष दुष्प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ लोग पूजा-पाठ या विशेष नियमों का पालन करते हैं। खगोलविदों के मुताबिक, चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन दूरबीन या टेलीस्कोप से इसका दृश्य और भी आकर्षक लगता है। साफ आसमान और शहर की रोशनी से दूर स्थान इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं।



