मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अर्जेंटीना दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। यह न सिर्फ भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, बल्कि तेल, गैस और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
अर्जेंटीना, जो लिथियम जैसे दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार रखता है, भारत के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सप्लाई चेन मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, तेल व प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की संभावना जताई जा रही है।
🔸 भारत को संभावित लाभ:
-
लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिजों की दीर्घकालिक आपूर्ति
-
ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण – मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम होगी
-
अर्जेंटीना के साथ नई व्यापारिक साझेदारी
-
वैश्विक दक्षिण (Global South) में भारत की मजबूत कूटनीति
✅ अंत में:
PM मोदी की यह यात्रा भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा और तकनीकी सुरक्षा नीति का हिस्सा है। मिडिल-ईस्ट संकट के बीच अर्जेंटीना जैसे विकल्प भारत के लिए बेहद रणनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।



