
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के दावे के बाद वैश्विक राजनीति हिल गई है और दुनिया बड़े पैमाने पर दो धड़ों में बंटती दिख रही है। इस आश्चर्यजनक घटना ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तनाव को बढ़ा दिया है, जहां कुछ देश अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, तो अन्य इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन करार दे रहे हैं।
सबसे तेज़ प्रतिक्रियाओं में रूस और चीन ने अमेरिका की निंदा की है। रूस ने हमले को “भारी सैन्य आक्रमण” बताया और कहा कि वेनेजुएला की संप्रभुता पर यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। मॉस्को ने यह भी मांग की है कि मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा किया जाए और सच्चाई स्पष्ट की जाए। रूस ने लैटिन अमेरिका को “शांति का क्षेत्र” बने रहने देने की वकालत की है और कहा है कि क्षेत्र को बाहरी हस्तक्षेप से बचाना चाहिए।



