सूरजकुंड मेला 2026 की पूरी जानकारी: तारीख, थीम, टिकट प्राइस और आकर्षण

हरियाणा के फरीदाबाद में लगने वाला सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखता है। वर्ष 2026 में यह ऐतिहासिक मेला अपने 39वें संस्करण के साथ एक बार फिर सांस्कृतिक रंगों से सजेगा। आयोजकों के अनुसार, इस साल सूरजकुंड मेला फरवरी 2026 के पहले सप्ताह से शुरू होकर लगभग दो सप्ताह तक चलेगा। मेले की तैयारियां जोरों पर हैं और देश-विदेश के कारीगर, कलाकार और पर्यटक इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इस बार सूरजकुंड मेले की थीम भारतीय लोक कला और परंपराओं को वैश्विक मंच पर और मजबूती से प्रस्तुत करने पर आधारित है। हर साल की तरह इस बार भी किसी एक राज्य या राज्यों के समूह को थीम स्टेट के रूप में चुना जाएगा, जहां की कला, खानपान, लोकनृत्य और हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा कई विदेशी देशों की भागीदारी भी तय मानी जा रही है, जिससे मेले को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिलेगा।
सूरजकुंड मेला खास तौर पर हस्तशिल्प प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां मिट्टी, लकड़ी, धातु, कपड़ा, जूट और बांस से बनी कलाकृतियां देखने और खरीदने को मिलती हैं। साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजन, लोक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का आकर्षण बढ़ाती हैं।
टिकट प्राइस की बात करें तो आयोजकों के मुताबिक इस बार भी टिकट दरें आम लोगों की पहुंच में रखी जाएंगी। सप्ताह के दिनों और वीकेंड के लिए अलग-अलग दरें तय की जाती हैं। अनुमान है कि वीकडे टिकट 150 से 200 रुपये और वीकेंड टिकट 250 से 300 रुपये के बीच हो सकता है। बच्चों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष छूट मिलने की भी संभावना रहती है।
कुल मिलाकर, 39वां सूरजकुंड मेला 2026 भारतीय संस्कृति, शिल्प और विरासत को करीब से जानने का सुनहरा अवसर होगा। अगर आप कला, संस्कृति और घूमने-फिरने के शौकीन हैं, तो इस भव्य आयोजन के लिए अभी से तैयार हो जाइए।



