एयर ट्रैवल फूड गाइड: नारियल से लेकर तरल पदार्थ तक क्या है प्रतिबंधित

हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा नियम बेहद सख्त होते हैं और इन्हीं नियमों के तहत फ्लाइट में कुछ खाद्य पदार्थों को ले जाने पर रोक लगाई जाती है। इन्हीं में से एक है नारियल। अक्सर यात्रियों के मन में सवाल उठता है कि आखिर नारियल ले जाना क्यों मना है, जबकि यह एक सामान्य और धार्मिक महत्व वाला फल है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पूरा नारियल आकार में ठोस और कठोर होता है, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु माना जा सकता है। इसके अलावा, नारियल के अंदर तरल पदार्थ (नारियल पानी) मौजूद होता है, जो तरल पदार्थों से जुड़े एविएशन नियमों का उल्लंघन करता है। यही वजह है कि कई एयरपोर्ट्स पर पूरे नारियल को केबिन बैग या कभी-कभी चेक-इन बैग में भी ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती।
नारियल के अलावा, फ्लाइट के केबिन बैग में कई अन्य खाद्य पदार्थों पर भी प्रतिबंध या सीमाएं तय की गई हैं। सबसे पहले बात करें तरल या अर्ध-तरल फूड्स की। सूप, दाल, करी, ग्रेवी वाली सब्ज़ी, चटनी, अचार का तेल, दही, लस्सी और सॉस जैसी चीज़ें 100 मिलीलीटर से अधिक मात्रा में केबिन बैग में नहीं ले जा सकते। यह नियम अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों उड़ानों पर लागू होता है।
इसके अलावा, तेज गंध वाले खाद्य पदार्थ जैसे मछली, कुछ प्रकार के चीज़, झींगा या बहुत मसालेदार भोजन भी अक्सर मना कर दिए जाते हैं, क्योंकि इससे अन्य यात्रियों को असुविधा हो सकती है। कच्चे या अधपके खाद्य पदार्थ, खासकर मांस और समुद्री भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से प्रतिबंधित होते हैं।
कुछ देशों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में फल, सब्ज़ी, बीज और सूखे मेवे ले जाने पर भी सख्त नियम हैं, क्योंकि ये कृषि और जैव-सुरक्षा से जुड़े खतरे पैदा कर सकते हैं। वहीं, अल्कोहल युक्त खाद्य पदार्थ या अधिक मात्रा में मिठाइयाँ भी नियमों के दायरे में आती हैं।
अगर आप यात्रा के दौरान भोजन ले जाना चाहते हैं, तो बेहतर है कि सूखे और पैक्ड फूड जैसे बिस्कुट, नमकीन, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स (सीमित मात्रा में) या ब्रेड जैसी चीज़ें रखें। यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन और एयरपोर्ट के नियम जरूर जांच लें, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और आपकी फ्लाइट यात्रा आरामदायक बनी रहे।



