‘बेबी बार-बार हाथ मुंह में डालता है?’ रोकना पड़ सकता है भारी, जानिए विशेषज्ञों की राय

कई माता-पिता अपने शिशु को बार-बार हाथ या उंगलियां मुंह में डालते देखकर चिंतित हो जाते हैं और उसे तुरंत रोकने की कोशिश करते हैं। हालांकि, बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यवहार ज्यादातर मामलों में बच्चे के सामान्य विकास का हिस्सा होता है और इसे हर बार रोकना जरूरी नहीं होता।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जीवन के शुरुआती महीनों में बच्चे अपने आसपास की दुनिया को समझने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करते हैं। हाथ मुंह में डालना भी एक प्रकार की “संवेदी खोज” (Sensory Exploration) है, जिसके माध्यम से बच्चा चीजों को महसूस करना और पहचानना सीखता है।
इसके अलावा, 3 से 6 महीने की उम्र के बीच कई बच्चे दांत निकलने की प्रक्रिया से गुजरते हैं। इस दौरान मसूड़ों में होने वाली असहजता के कारण वे बार-बार हाथ या वस्तुएं मुंह में डाल सकते हैं। यह उनके लिए स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है।
कब चिंता करनी चाहिए?
- बच्चा हर समय केवल यही व्यवहार कर रहा हो और अन्य गतिविधियों में रुचि न ले।
- हाथ मुंह में डालने के साथ बुखार, अत्यधिक चिड़चिड़ापन या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें।
- बच्चा गंदी या खतरनाक वस्तुएं मुंह में डाल रहा हो।
- व्यवहार उम्र के साथ अत्यधिक बढ़ता जाए और विकास संबंधी अन्य चिंताओं के साथ जुड़ा हो।
माता-पिता क्या करें?
- बच्चे के हाथ साफ रखें।
- सुरक्षित टीथर या उम्र के अनुसार उपयुक्त खिलौने दें।
- अनावश्यक रूप से डांटने या बार-बार रोकने से बचें।
- बच्चे के आसपास की वस्तुओं को सुरक्षित रखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाथ मुंह में डालना अक्सर शिशु के विकास का सामान्य चरण होता है। इसलिए हर बार इसे गलत आदत मानकर रोकने के बजाय उसके पीछे की वजह को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। यदि कोई विशेष चिंता हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।



