हेयर केयर की आम भूलें जो बढ़ा सकती हैं कैंसर का रिस्क, जानिए विशेषज्ञों की सलाह

आजकल लोग सुंदर और स्टाइलिश बालों के लिए तरह-तरह के हेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बालों की देखभाल में की गई एक छोटी-सी गलती भी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स का लंबे समय तक और गलत तरीके से इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। खासतौर पर हेयर डाई, स्ट्रेटनिंग क्रीम, हेयर स्प्रे और केमिकल बेस्ड शैम्पू में मौजूद हानिकारक तत्व त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इन प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले पैराबेन्स, फॉर्मल्डिहाइड, अमोनिया और पी-फेनिलीनडायमीन (PPD) जैसे केमिकल्स लंबे समय तक संपर्क में रहने पर डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग बार-बार हेयर डाई करते हैं या बिना पैच टेस्ट के नए प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कर लेते हैं, जो सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। इसके अलावा गीले बालों पर केमिकल प्रोडक्ट लगाना या स्कैल्प पर सीधे डाई लगाना भी खतरे को बढ़ा सकता है। कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि लंबे समय तक हेयर डाई का उपयोग करने वालों में ब्रेस्ट कैंसर और स्किन कैंसर का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक देखा गया है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बालों की देखभाल के लिए नेचुरल और हर्बल विकल्पों को प्राथमिकता दें, जैसे मेहंदी, आंवला और एलोवेरा। अगर केमिकल प्रोडक्ट का इस्तेमाल जरूरी हो, तो अच्छी क्वालिटी और कम केमिकल वाले उत्पाद चुनें और इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। साथ ही, डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार हेयर ट्रीटमेंट कराने से बचें। सही जानकारी और सावधानी अपनाकर न सिर्फ बालों को खूबसूरत रखा जा सकता है, बल्कि गंभीर बीमारियों के खतरे से भी खुद को सुरक्षित किया जा सकता है।



