Workout के बाद मांसपेशियों में दर्द को हल्के में न लें, समझें नॉर्मल पेन और खतरनाक संकेत

आजकल फिट रहने के लिए जिम जाना युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। हालांकि जिम में वर्कआउट करने के बाद शरीर में दर्द होना एक आम बात है। कई लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ लोग थोड़ा सा दर्द होते ही घबरा जाते हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि जिम के बाद होने वाला कौन सा दर्द सामान्य है और कब यह शरीर के लिए खतरे की घंटी बन सकता है।
वर्कआउट के बाद होने वाले सामान्य दर्द को मेडिकल भाषा में डिलेयड ऑनसेट मसल सोरनेस (DOMS) कहा जाता है। यह दर्द आमतौर पर तब होता है जब आप नया एक्सरसाइज शुरू करते हैं या पहले से ज्यादा भारी वर्कआउट करते हैं। इस दौरान मांसपेशियों में हल्की सूजन और खिंचाव महसूस हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर शुरू होता है और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। ऐसे दर्द से घबराने की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह संकेत होता है कि आपकी मांसपेशियां मजबूत हो रही हैं।
लेकिन हर दर्द सामान्य नहीं होता। अगर वर्कआउट के तुरंत बाद तेज और असहनीय दर्द हो, किसी मांसपेशी में अचानक सूजन आ जाए या उस हिस्से को हिलाना मुश्किल हो जाए, तो यह चोट का संकेत हो सकता है। कई बार गलत तरीके से एक्सरसाइज करने, ज्यादा वजन उठाने या बिना वार्मअप के वर्कआउट शुरू करने से मांसपेशियों में खिंचाव या लिगामेंट इंजरी हो सकती है। ऐसे में दर्द लंबे समय तक बना रहता है और आराम करने पर भी कम नहीं होता।
इसके अलावा अगर दर्द के साथ लालिमा, ज्यादा सूजन, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में यह गंभीर मांसपेशी क्षति या नसों से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि दर्द 4–5 दिनों से ज्यादा बना रहे या लगातार बढ़ता जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
जिम करने वालों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने शरीर के संकेतों को समझें। हमेशा वर्कआउट से पहले वार्मअप करें, धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं और सही तकनीक से एक्सरसाइज करें। साथ ही शरीर को पर्याप्त आराम और पोषण देना भी जरूरी है। अगर दर्द हल्का और कुछ दिनों में ठीक हो जाए तो यह सामान्य है, लेकिन असामान्य लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।



