
फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए खाना मंगाना आज शहरी जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार बाहर का खाना खाने से कुछ छिपे हुए जोखिम भी जुड़े हो सकते हैं। खासतौर पर कई रेस्तरां के भोजन में सोडियम (नमक) और फॉस्फेट की मात्रा अधिक हो सकती है, जबकि उपभोक्ताओं को ऑर्डर के समय इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। यही कारण है कि लोग अनजाने में जरूरत से कहीं अधिक मात्रा में इन तत्वों का सेवन कर लेते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक सोडियम का सेवन लंबे समय में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) का कारण बन सकता है। हाई ब्लड प्रेशर किडनी के सूक्ष्म फिल्टरों (नेफ्रॉन्स) पर दबाव बढ़ाता है, जिससे समय के साथ उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कुछ फॉस्फेट एडिटिव्स भी किडनी रोगियों के लिए विशेष चिंता का विषय माने जाते हैं, क्योंकि शरीर में फॉस्फोरस का असंतुलन कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि फूड डिलीवरी ऐप से मंगाया गया हर भोजन किडनी को नुकसान पहुंचाता है। जोखिम मुख्य रूप से बार-बार उच्च सोडियम, अत्यधिक प्रोसेस्ड और पोषण संतुलन से रहित भोजन के सेवन से जुड़ा होता है। जिन लोगों को पहले से किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते समय कम नमक वाले विकल्प चुनें, तली-भुनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीजों का सेवन सीमित रखें तथा घर के बने संतुलित भोजन को प्राथमिकता दें। पर्याप्त पानी पीना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और संतुलित आहार अपनाना किडनी की सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी व्यक्ति को किडनी से जुड़ी बीमारी है, तो उसे अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार ही भोजन का चयन करना चाहिए।



