Foreign Leaders Stay Protocol: पुतिन हों या ट्रंप, जानें होटल चयन की पूरी प्रक्रिया

जब भी कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश की यात्रा पर आते हैं, तो उनकी सुरक्षा, सुविधा और प्रोटोकॉल को लेकर बेहद सख्त और विस्तृत प्रक्रिया अपनाई जाती है। यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता भर नहीं होती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गंभीरता और मेहमान देश के सम्मान का प्रतीक भी होती है। इसी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है—निवास स्थल यानी होटल या सरकारी गेस्ट हाउस का चयन। पुतिन हों, डोनाल्ड ट्रंप हों, या किसी यूरोपीय देश के राष्ट्रपति—सभी के ठहरने की जगह तय करने के लिए कई स्तरों पर जांच-पड़ताल और तैयारी होती है।
सबसे पहले भारत की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), विदेश मंत्रालय (MEA) और मेहमान देश की सुरक्षा टीम मिलकर संभावित स्थानों की सूची तैयार करती हैं। इसमें दिल्ली के प्रमुख五星 होटलों या राष्ट्रपति भवन के गेस्ट विंग जैसे सुरक्षित ठिकानों को शामिल किया जाता है। चयन का पहला मानदंड होता है सुरक्षा—होटल की लोकेशन से लेकर उसके आसपास की गतिविधियों पर गहरी नजर रखी जाती है। होटल के प्रवेश और निकास द्वार, बंजर क्षेत्र, फायर एग्जिट, बैकएंड सर्विस एरिया और पार्किंग तक की सुरक्षा स्कैनिंग होती है।
इसके साथ ही दूसरा बड़ा पहलू होता है—गोपनीयता और गोपनीय बातचीत के लिए सुरक्षित स्थान। राष्ट्राध्यक्ष अक्सर अपने साथ उच्च स्तरीय डेलीगेशन लाते हैं, जिन्हें बिलकुल प्राइवेट और सुरक्षित मीटिंग स्पेस की आवश्यकता होती है। इसलिए होटल में कॉन्फ्रेंस रूम, सीक्रेट कम्युनिकेशन सिस्टम और बुलेटप्रूफ व्यवस्था की क्षमता भी देखी जाती है। कई बार मेहमान देश की विशेष मांगों के अनुसार पूरे फ्लोर को सील कर दिया जाता है या अस्थाई सुरक्षा ढांचा स्थापित किया जाता है।
तीसरा महत्वपूर्ण पहलू होता है—लॉजिस्टिक्स और दूरी। होटल से एयरपोर्ट, राज्य प्रमुख के साथ होने वाली बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के स्थानों की दूरी भी बेहद अहम भूमिका निभाती है। रास्ते में वीवीआईपी मूवमेंट के लिए पर्याप्त स्पेस हो, ट्रैफिक मैनेजमेंट आसान हो और सुरक्षा काफिले की मूवमेंट बिना बाधा के हो सके, यह भी जरूरी है।
अंत में आता है—सुविधाओं और प्रोटोकॉल का मानदंड। होटल के कमरे, भोजन, स्टाफ की ट्रेनिंग, अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से जुड़े शिष्टाचार और विशेष आहार व्यवस्था भी ध्यान में रखी जाती है। अगर कोई राष्ट्राध्यक्ष धार्मिक या स्वास्थ्य कारणों से विशेष भोजन लेते हैं, तो होटल की किचन टीम को उसी अनुरूप तैयार किया जाता है।
इस तरह, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने का होटल चयन केवल एक सामान्य व्यवस्था नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, प्रोटोकॉल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का समन्वित और अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम होता है।



