सुबह आंखों में चिपचिपा पदार्थ क्यों जमता है? रंग से पहचानें खतरा

सुबह नींद से जागने के बाद आंखों के कोनों में चिपचिपा पदार्थ जमा मिलना कई लोगों के लिए सामान्य अनुभव है। दिनभर पलकें झपकने से आंखों में मौजूद आंसू और छोटे कण साफ होते रहते हैं, लेकिन सोते समय पलकें बंद रहने के कारण यह स्राव आंखों के किनारों पर जमा हो सकता है। सामान्य स्थिति में इसकी मात्रा कम होती है और इसे आसानी से साफ किया जा सकता है।
हालांकि, आंखों से निकलने वाले इस पदार्थ की मात्रा, बनावट और रंग में बदलाव किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है। यदि आंखों में लगातार चिपचिपापन बना रहे, पलकों पर पपड़ी जम जाए या आंखें खोलने में परेशानी हो, तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है।
सफेद या पारदर्शी पदार्थ: सुबह आंखों में थोड़ी मात्रा में सफेद या पारदर्शी स्राव मिलना सामान्य हो सकता है। यदि इसके साथ खुजली या पानी आने की समस्या हो, तो एलर्जी या आंखों में जलन भी इसकी वजह हो सकती है।
पीला या हरा पदार्थ: आंखों से गाढ़ा पीला या हरा स्राव निकलना बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि इसके साथ आंखों में लालिमा, पलकों में सूजन या दर्द भी हो, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
लगातार पानी आना: आंखों से बार-बार पानी आने और चिपचिपा पदार्थ जमा होने के पीछे एलर्जी, जलन, संक्रमण या आंसुओं के निकास में रुकावट जैसे कारण हो सकते हैं। सही कारण का पता लगाने के लिए लक्षणों की जांच जरूरी है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज: यदि आंखों में तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, नजर धुंधली होना या अधिक लालिमा दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में दर्द या लालिमा होने पर भी शीघ्र जांच कराना जरूरी है।
बचाव के लिए क्या करें?
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आंखों को साफ करने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
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साफ, हल्के गुनगुने पानी से भीगे कपड़े की मदद से जमा स्राव को धीरे-धीरे साफ करें।
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आंखों को बार-बार रगड़ने और तौलिया साझा करने से बचें।
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डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें।
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यदि समस्या लगातार बनी रहे या बढ़े, तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं।



