हार्ट अटैक से बचाव: कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा सुझाए गए 5 जरूरी टेस्ट

दिल की बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं और हार्ट अटैक का खतरा उम्र के साथ-साथ गलत लाइफस्टाइल, तनाव, खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण भी बढ़ता जा रहा है। कार्डियोलॉजिस्ट मानते हैं कि समय रहते सही जांच करा ली जाए तो हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खास बात यह है कि कई बार शरीर में कोई बड़ा लक्षण दिखने से पहले ही दिल से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ जरूरी टेस्ट ऐसे हैं जो दिल की सेहत की सही तस्वीर सामने ला सकते हैं। पहला है ब्लड प्रेशर टेस्ट, क्योंकि हाई बीपी हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण माना जाता है और अक्सर बिना लक्षण के नुकसान पहुंचाता है। दूसरा महत्वपूर्ण टेस्ट है लिपिड प्रोफाइल, जिससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जानकारी मिलती है। खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और अच्छे (HDL) कोलेस्ट्रॉल घटने से धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है। तीसरा टेस्ट है ब्लड शुगर (फास्टिंग और HbA1c), क्योंकि डायबिटीज दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ा देती है। चौथा जरूरी टेस्ट ईसीजी (ECG) है, जो दिल की धड़कन और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में गड़बड़ी को पहचानने में मदद करता है। कई बार साइलेंट हार्ट प्रॉब्लम का संकेत ईसीजी में दिख जाता है। पांचवां और बेहद अहम टेस्ट है 2D इको या स्ट्रेस टेस्ट, जो दिल की पंपिंग क्षमता, वाल्व और ब्लड फ्लो की स्थिति बताता है। कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि 30 साल की उम्र के बाद या यदि परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री हो, तो ये टेस्ट समय-समय पर जरूर कराने चाहिए। साथ ही धूम्रपान से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है। याद रखें, जांच और सावधानी ही हार्ट अटैक से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।



