सामान्य से कम बॉडी टेम्परेचर कोई आम बात नहीं | जानिए 4 गंभीर कारण और बचाव के उपाय

हम अक्सर बुखार यानी शरीर का तापमान बढ़ने को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सामान्य से कम बॉडी टेम्परेचर (Low Body Temperature) भी उतना ही खतरनाक हो सकता है? सामान्य रूप से शरीर का तापमान लगभग 98.6°F (37°C) होता है। अगर यह तापमान 95°F (35°C) से नीचे चला जाए तो इसे मेडिकल भाषा में हाइपोथर्मिया (Hypothermia) कहा जाता है। यह स्थिति शरीर की कई प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है और समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है।
कम बॉडी टेम्परेचर के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से चार स्थितियां सबसे आम हैं —
1. हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism):
थायरॉइड हार्मोन की कमी से शरीर की मेटाबॉलिक दर कम हो जाती है, जिससे शरीर पर्याप्त गर्मी नहीं बना पाता। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा ठंड महसूस होती है और तापमान सामान्य से कम बना रहता है।
2. हाइपोथर्मिया (Hypothermia):
यह स्थिति तब होती है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठंडे वातावरण में रहता है। शरीर अपनी गर्मी खोने लगता है, जिससे सांस और हृदय की गति धीमी हो जाती है। यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
3. पोषण की कमी (Malnutrition):
अगर शरीर को पर्याप्त कैलोरी या पोषक तत्व नहीं मिलते तो शरीर ऊर्जा और गर्मी दोनों बनाने में असमर्थ हो जाता है। कमजोर इम्यून सिस्टम और थकान इसके आम लक्षण हैं।
4. संक्रमण या शॉक (Infection or Shock):
कभी-कभी गंभीर संक्रमण या ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट के कारण भी बॉडी टेम्परेचर कम हो जाता है। इसे मेडिकल इमरजेंसी के रूप में तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
अगर शरीर ठंडा महसूस हो रहा हो, कंपकंपी लगातार बनी रहे या पल्स कमजोर महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, गर्म पेय लें और शरीर को कवर में रखें।



