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Chinese Garlic: बाजार में बिक रहा बैन चीनी लहसुन? ऐसे करें देसी और चीनी लहसुन की पहचान

लहसुन का इस्तेमाल भारतीय खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए लंबे समय से किया जाता है। लेकिन बाजार से लहसुन खरीदते समय यह पहचानना जरूरी है कि आप किस तरह का लहसुन खरीद रहे हैं। चीनी लहसुन की बिक्री को लेकर समय-समय पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।

भारत में चीन से लहसुन के आयात पर सितंबर 2005 से प्रतिबंध है। सरकारी जानकारी के अनुसार इसका कारण चीनी लहसुन में Embellisia alli और Urocystis cepulae जैसे फंगल संक्रमण पाए जाना था।

प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में चीनी लहसुन पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। 2025 में FSSAI को चेन्नई के बाजारों में प्रतिबंधित चीनी लहसुन की बिक्री की शिकायत मिली थी और राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग को निगरानी के निर्देश दिए गए थे।

चीनी लहसुन और देसी लहसुन में कुछ अंतर देखकर शुरुआती अंदाजा लगाया जा सकता है। आमतौर पर चीनी लहसुन की गंध अपेक्षाकृत हल्की और स्वाद कम तीखा बताया जाता है, जबकि देसी लहसुन की खुशबू और तीखापन ज्यादा महसूस हो सकता है।

लहसुन खरीदते समय सिर्फ उसकी शक्ल देखकर फैसला करना हमेशा सही नहीं होता। अलग-अलग किस्मों और खेती के तरीकों के कारण आकार, रंग और कलियों में अंतर हो सकता है। इसलिए संदिग्ध उत्पाद की पहचान के लिए आधिकारिक जांच ज्यादा भरोसेमंद होती है।

खाद्य सुरक्षा के लिहाज से लहसुन में फंगस, कीट या अन्य संदूषण नहीं होना चाहिए। FSSAI के मानकों में लहसुन से जुड़े उत्पादों को फंगल संक्रमण, कीट और अन्य हानिकारक पदार्थों से मुक्त रखने की आवश्यकताएं बताई गई हैं।

चीनी लहसुन को लेकर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई तरह के दावे भी किए जाते हैं, जिनमें अत्यधिक केमिकल इस्तेमाल से लेकर गंभीर बीमारियों तक की बातें कही जाती हैं। हालांकि किसी खास लहसुन को खाने से कैंसर या अन्य बीमारी होने का दावा केवल सामान्य सोशल मीडिया जानकारी के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

खरीदारी करते समय साफ-सुथरे और भरोसेमंद स्रोत से लहसुन लेना बेहतर है। अगर लहसुन में असामान्य गंध, फफूंद, सड़न या खराब होने के संकेत दिखाई दें तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसे खरीदने से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

सरकारी एजेंसियां प्रतिबंधित आयात को रोकने और खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए कार्रवाई करती हैं। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार 2023-24 में 546 टन और 2024-25 में 507 टन चीनी लहसुन जब्त किए जाने की जानकारी संसद में दी गई थी।

लहसुन की गुणवत्ता पहचानने के लिए केवल रंग या आकार पर निर्भर रहने के बजाय उसकी ताजगी और गंध पर भी ध्यान दें। ताजा लहसुन सामान्य रूप से अपनी विशिष्ट तीखी खुशबू वाला होना चाहिए और उसमें फफूंद या असामान्य सड़न के लक्षण नहीं होने चाहिए।

अगर बाजार में किसी उत्पाद को लेकर संदेह हो तो विक्रेता से उसकी उत्पत्ति और उपलब्ध जानकारी के बारे में पूछना उपयोगी हो सकता है। पैकेज्ड या आयातित खाद्य उत्पादों के मामले में लेबल और अन्य जरूरी विवरण भी जांचे जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, चीनी लहसुन पर भारत में आयात प्रतिबंध पुराना है और इसका प्रमुख सरकारी कारण फंगल संक्रमण से जुड़ा रहा है। इसलिए बाजार में लहसुन खरीदते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि चीनी लहसुन को लेकर किए जाने वाले हर स्वास्थ्य संबंधी दावे को वैज्ञानिक या आधिकारिक प्रमाण के आधार पर ही सही मानना चाहिए।

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