विटामिन K की कमी से हो सकता है आर्टरीज ब्लॉक होने का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

विटामिन K हमारे शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है, जो न केवल ब्लड क्लॉटिंग (रक्त का थक्का जमाने) में मदद करता है बल्कि हृदय और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। अगर शरीर में विटामिन K की कमी हो जाए, तो इसका सीधा असर आर्टरीज यानी धमनियों पर पड़ सकता है। इसकी कमी से शरीर में कैल्शियम का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पाता, जिससे यह रक्त धमनियों में जमा होने लगता है और धीरे-धीरे ब्लॉकेज का कारण बन सकता है।
डॉक्टर्स के अनुसार, जब विटामिन K की मात्रा कम होती है, तो शरीर में Matrix Gla Protein (MGP) नामक प्रोटीन सक्रिय नहीं हो पाता, जो धमनियों में कैल्शियम के जमाव को रोकता है। परिणामस्वरूप धमनियां सख्त हो जाती हैं और ब्लड फ्लो बाधित होता है, जिससे दिल के दौरे (Heart Attack) या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
विटामिन K की कमी के लक्षणों में शामिल हैं:
- शरीर में अक्सर नील पड़ना या खून बहना
- मसूड़ों से या नाक से बार-बार ब्लीडिंग होना
- थकान और कमजोरी महसूस होना
- हड्डियों का कमजोर होना या जल्दी टूटना
- त्वचा पर चकत्ते या सूजन
- गंभीर स्थिति में, हृदय से संबंधित लक्षण जैसे सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई
विटामिन K की पूर्ति के लिए क्या खाएं:
विटामिन K से भरपूर आहार लेना इसकी कमी को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली, पत्तागोभी और हरी मटर शामिल करें। इसके अलावा, एवोकाडो, कीवी, अंडे की जर्दी और दही भी विटामिन K के अच्छे स्रोत हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज से हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। अगर आपको बार-बार थकान, ब्लीडिंग या हृदय संबंधी लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। विटामिन K की पर्याप्त मात्रा न केवल ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है, बल्कि आर्टरीज को लचीला और स्वस्थ रखकर दिल की बीमारियों से भी सुरक्षा देती है।



