स्टेंट लगने के बाद भी आ सकता है हार्ट अटैक? जानें किन गलतियों से बचना जरूरी है

कई लोगों को लगता है कि हार्ट में स्टेंट लगने के बाद हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। स्टेंट एक ब्लॉक हुई धमनी को खोलने में मदद करता है, लेकिन दिल की बीमारी के मूल कारणों को नियंत्रित करना जरूरी रहता है।
स्टेंट लगने के बाद भी अगर व्यक्ति डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से नहीं लेता, तो परेशानी बढ़ सकती है। खासतौर पर खून को पतला रखने वाली दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के बंद करना खतरनाक हो सकता है।
इसके अलावा धूम्रपान, ज्यादा तला-भुना खाना, व्यायाम की कमी, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित न करना भी हार्ट संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
स्टेंट के बाद स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराना, संतुलित आहार लेना, रोजाना हल्की शारीरिक गतिविधि करना और तनाव को नियंत्रित रखना जरूरी माना जाता है।
कुछ मामलों में स्टेंट वाली जगह पर दोबारा ब्लॉकेज या शरीर की किसी दूसरी धमनी में रुकावट बनने से भी समस्या हो सकती है। इसलिए सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, ज्यादा पसीना आना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्टेंट लगना दिल के इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके बाद की जीवनशैली और सावधानियां उतनी ही अहम होती हैं। डॉक्टर की सलाह का पालन करके और स्वस्थ आदतें अपनाकर दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।



