Kidney Stone: कितने MM की पथरी बिना ऑपरेशन निकल सकती है?

पथरी का आकार यह समझने में मदद करता है कि उसके अपने आप निकलने की कितनी संभावना है। 5 मिलीमीटर से छोटी यूरेटर की पथरी के निकलने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है। जैसे-जैसे आकार बढ़ता है, अपने आप निकलने की संभावना कम हो सकती है। हालांकि, केवल साइज के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि पथरी जरूर निकलेगी या नहीं।
5 से 10 MM की पथरी में क्या होता है?
इस आकार की पथरी के मामले में उसका स्थान, पेशाब का प्रवाह और मरीज के लक्षण महत्वपूर्ण होते हैं। कुछ पथरियां दवाओं और डॉक्टर की निगरानी में निकल सकती हैं, जबकि अन्य को प्रक्रिया से निकालना पड़ सकता है। लगातार दर्द या पथरी के कारण रुकावट होने पर डॉक्टर जल्दी इलाज की सलाह दे सकते हैं।
10 MM से बड़ी पथरी में कब पड़ती है जरूरत?
बड़ी पथरी के अपने आप निकलने की संभावना कम होती है। इलाज के लिए शॉक वेव लिथोट्रिप्सी से पथरी तोड़ने, यूरेटेरोस्कोपी से उसे निकालने या कुछ बड़े स्टोन में पीसीएनएल जैसी प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। सही तरीका पथरी के आकार, स्थान और मरीज की स्थिति के आधार पर चुना जाता है।
क्या हर पथरी का ऑपरेशन जरूरी है?
नहीं। कुछ छोटी और बिना लक्षण वाली किडनी की पथरियों को डॉक्टर नियमित निगरानी में रख सकते हैं। लेकिन पथरी बढ़ रही हो, पेशाब का रास्ता बंद कर रही हो, संक्रमण हो या लगातार दर्द हो, तो इलाज की जरूरत पड़ सकती है। हर मरीज के लिए एक ही उपचार सही नहीं होता।
पथरी में कौन से लक्षण खतरे का संकेत हैं?
कमर या पेट के एक तरफ तेज दर्द, दर्द का जांघ के ऊपरी हिस्से तक फैलना, पेशाब में खून, उल्टी या पेशाब करने में परेशानी पथरी से जुड़े लक्षण हो सकते हैं। यदि दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना या कंपकंपी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ऐसी स्थिति में देरी करना जोखिम भरा हो सकता है।
क्या ज्यादा पानी पीने से पथरी निकल जाती है?
पर्याप्त पानी पीना किडनी स्टोन की रोकथाम और पेशाब को पतला रखने में मदद कर सकता है। लेकिन ज्यादा पानी पीना हर पथरी को निकालने का निश्चित इलाज नहीं है। यदि पथरी के कारण रुकावट है या तेज दर्द हो रहा है, तो केवल पानी पीकर इंतजार करने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
किडनी स्टोन का इलाज कैसे तय होता है?
डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या जरूरत के अनुसार सीटी स्कैन जैसी जांच से पथरी का आकार, स्थान और रुकावट का पता लगा सकते हैं। इसके बाद निगरानी, दवाओं या किसी प्रक्रिया की सलाह दी जाती है। इसलिए रिपोर्ट में पथरी का साइज देखकर खुद इलाज तय न करें और यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। इलाज का फैसला जांच रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही करें।



