Obesity Risk: शहरों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, सामने आए 3 नए कारण

शहरों में रहने वाले लोगों में मोटापा पहले की तुलना में तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। खासकर पेट, हाथ और पैरों पर अतिरिक्त चर्बी जमा होने के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खराब खानपान के अलावा अब स्लीप डेब्ट (लगातार पर्याप्त नींद न लेना), बढ़ता मानसिक तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत जैसे नए कारक भी वजन बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा केवल ज्यादा खाने का परिणाम नहीं है। आधुनिक शहरी जीवनशैली में कई ऐसे बदलाव आए हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। लगातार कई दिनों या हफ्तों तक पर्याप्त नींद न लेने की स्थिति को स्लीप डेब्ट कहा जाता है। इससे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं, जिसके कारण अधिक भूख लगना और हाई-कैलोरी भोजन की इच्छा बढ़ सकती है।
दूसरा बड़ा कारण लगातार तनाव (क्रॉनिक स्ट्रेस) है। लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जो कुछ लोगों में पेट के आसपास चर्बी जमा होने से जुड़ा पाया गया है। इसके अलावा तनाव के कारण कई लोग भावनात्मक रूप से अधिक खाना भी शुरू कर देते हैं।
तीसरा प्रमुख कारण बैठे-बैठे काम करने वाली जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) है। लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठना, कम शारीरिक गतिविधि और नियमित व्यायाम की कमी से कैलोरी खर्च कम होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
मोटापे से बचने के लिए विशेषज्ञ रोजाना 7–9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं। यदि वजन तेजी से बढ़ रहा हो या इसके साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हों, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।



