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एंडोमेट्रियोसिस के 5 मिथक: पीरियड का दर्द सामान्य नहीं, जानें क्या है सच

एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं की सेहत से जुड़ी ऐसी समस्या है, जिसके लक्षण कई बार सामान्य पीरियड दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में प्रजनन उम्र की करीब 10 प्रतिशत महिलाएं, यानी लगभग 19 करोड़ महिलाएं, इससे प्रभावित हैं। यह एक क्रॉनिक बीमारी है और फिलहाल इसका कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपचार मौजूद हैं।

मिथक 1: पीरियड में बहुत ज्यादा दर्द होना सामान्य है

सच: हल्का या कुछ समय तक रहने वाला पीरियड दर्द आम हो सकता है, लेकिन इतना दर्द जो हर महीने रोजमर्रा के काम, पढ़ाई या नौकरी को प्रभावित करे, उसे सामान्य मानकर सहते रहना ठीक नहीं। एंडोमेट्रियोसिस में दर्द समय के साथ बढ़ सकता है और पीरियड के अलावा भी बना रह सकता है।

मिथक 2: एंडोमेट्रियोसिस का मतलब सिर्फ दर्दनाक पीरियड है

सच: इसके लक्षण सिर्फ मासिक धर्म तक सीमित नहीं होते। लगातार पेल्विक दर्द, सेक्स के दौरान दर्द, मल त्याग या पेशाब करते समय दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग, पेट फूलना और प्रजनन संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। कुछ महिलाओं में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं होते।

मिथक 3: एंडोमेट्रियोसिस होने पर मां बनना संभव नहीं

सच: एंडोमेट्रियोसिस गर्भधारण में परेशानी पैदा कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला में बांझपन होगा। सूजन और स्कार टिश्यू फैलोपियन ट्यूब या प्रजनन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए गर्भधारण में दिक्कत होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

मिथक 4: इसका पता लगाने के लिए हर हाल में सर्जरी जरूरी है

सच: अब ऐसा जरूरी नहीं माना जाता। WHO के अनुसार लक्षणों और अल्ट्रासाउंड या MRI जैसी इमेजिंग के आधार पर क्लिनिकल निदान किया जा सकता है और इलाज शुरू करने से पहले हर मरीज में सर्जरी जरूरी नहीं होती। 2026 में ACOG की नई गाइडलाइन ने भी लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच और इमेजिंग के आधार पर संभावित निदान और शुरुआती उपचार को महत्व दिया है।

मिथक 5: मेनोपॉज आते ही एंडोमेट्रियोसिस हमेशा खत्म हो जाता है

सच: कई महिलाओं में मेनोपॉज के बाद लक्षण कम हो जाते हैं, लेकिन इसे हर मामले में बीमारी के पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं माना जा सकता। कुछ महिलाओं में मेनोपॉज के बाद भी लक्षण बने रह सकते हैं।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर पीरियड का दर्द बहुत ज्यादा है, हर महीने आपकी सामान्य जिंदगी प्रभावित करता है, समय के साथ बढ़ रहा है, या इसके साथ सेक्स, पेशाब अथवा मल त्याग के दौरान दर्द होता है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात करना बेहतर है। समय पर पहचान और उपचार से लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष: एंडोमेट्रियोसिस को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि तेज और लगातार पीरियड दर्द को ‘हर महिला को होता है’ कहकर नजरअंदाज न करें। सही जानकारी, समय पर जांच और व्यक्तिगत उपचार इस बीमारी के साथ बेहतर जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।

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