लाइफस्टाइलस्वास्थ्य
बद्रीनाथ तप्त कुंड में कितनी देर नहाएं? 15 मिनट की सावधानी क्यों जरूरी
तप्त कुंड बद्रीनाथ मंदिर और अलकनंदा नदी के बीच स्थित प्राकृतिक गर्म पानी का स्रोत है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अनुसार यहां पानी का तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस रहता है, जबकि पर्यटन मंत्रालय की जानकारी में तापमान लगभग 55 डिग्री सेल्सियस तक बताया गया है।
नवभारत टाइम्स से बातचीत में मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. अजय फडके ने बताया कि बहुत गर्म पानी में लंबे समय तक रहने से त्वचा की रक्त वाहिकाएं फैल सकती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। डिहाइड्रेशन और अचानक उठने पर चक्कर आने या गिरने का जोखिम भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ के अनुसार 37 से 39 डिग्री सेल्सियस का पानी सामान्य रूप से अधिक आरामदायक माना जाता है। 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पानी में शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जबकि 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म पानी में लंबे समय तक रहना सभी लोगों के लिए उचित नहीं माना जाता। बुजुर्गों और हृदय या रक्तचाप संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में थकान, कम नींद, डिहाइड्रेशन और गर्म पानी का संयोजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए तप्त कुंड में धार्मिक आस्था के साथ अपनी शारीरिक स्थिति का भी ध्यान रखना जरूरी है। चक्कर, मतली, तेज धड़कन या सांस फूलने जैसी परेशानी महसूस होने पर तुरंत पानी से बाहर निकलने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी गई है।