40 की उम्र के बाद इन 5 सप्लीमेंट्स की बढ़ जाती है जरूरत, एक्सपर्ट से जानें फायदे

40 की उम्र में पहुंचते ही शरीर में कई तरह के बदलाव तेज़ी से होने लगते हैं। मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है, हड्डियों की घनत्व कम हो सकती है, मांसपेशियों की ताकत घटती है और हार्मोनल बदलाव भी साफ नजर आने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ सामान्य भोजन हर जरूरत को पूरा नहीं कर पाता। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस उम्र के बाद कुछ खास सप्लीमेंट्स को डॉक्टर की सलाह के साथ डाइट में शामिल करना शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और एक्टिव बनाए रखने में मदद कर सकता है। सबसे पहले बात कैल्शियम और विटामिन D की होती है। ये दोनों हड्डियों को मजबूत रखने, फ्रैक्चर के खतरे को कम करने और मांसपेशियों के बेहतर कामकाज के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इनकी कमी आम हो जाती है। दूसरा महत्वपूर्ण सप्लीमेंट है ओमेगा-3 फैटी एसिड। यह दिल की सेहत, दिमागी कार्यक्षमता और सूजन को कम करने में मदद करता है। खासतौर पर जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनके लिए यह फायदेमंद माना जाता है। तीसरा है विटामिन B12, जो नसों के स्वास्थ्य, याददाश्त और ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। 40 के बाद इसकी कमी थकान, कमजोरी और भूलने की समस्या पैदा कर सकती है। चौथा सप्लीमेंट है मैग्नीशियम। यह मांसपेशियों को रिलैक्स रखने, नींद सुधारने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक होता है। इसके अलावा कई लोग मल्टीविटामिन को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, ताकि छोटी-मोटी पोषण संबंधी कमी पूरी हो सके। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि बिना जांच और सलाह के किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करना सही नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद के साथ सही मात्रा में लिया गया सप्लीमेंट ही असली फायदा देता है। इसलिए 40 की उम्र को नई शुरुआत मानते हुए सेहत पर ध्यान देना सबसे बड़ा निवेश साबित हो सकता है।



