नाश्ते में ट्राई करें क्रिस्पी मटर कचौड़ी, ये टिप्स बनाएंगी हलवाई जैसा मजेदार

सुबह के नाश्ते में अगर कुछ चटपटा, कुरकुरा और पेट भरने वाला मिल जाए तो दिन बन जाता है। मटर कचौड़ी ऐसी ही एक डिश है, जो खासतौर पर सर्दियों में बेहद पसंद की जाती है। बाहर हलवाई की दुकान पर मिलने वाली खस्ता कचौड़ी का स्वाद अलग ही होता है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी और सही तरीके अपनाकर आप घर पर भी वैसी ही परफेक्ट कचौड़ी बना सकते हैं। इसका सबसे बड़ा राज छिपा है आटे की मोयन, मटर की स्टफिंग और तलने के तरीके में। अगर ये तीन चीजें सही हो जाएं तो आपकी कचौड़ी भी बिल्कुल मार्केट जैसी फूली-फूली और क्रिस्पी बनेगी।
सबसे पहले बात करते हैं आटे की। कचौड़ी को खस्ता बनाने के लिए मैदा में पर्याप्त मात्रा में मोयन यानी घी या तेल मिलाना बहुत जरूरी है। मोयन इतना हो कि मुट्ठी में दबाने पर मैदा बंध जाए। इसके बाद पानी थोड़ा-थोड़ा डालते हुए सख्त नहीं, बल्कि मध्यम नरम आटा गूंथें। आटे को कम से कम 15-20 मिनट ढककर जरूर रखें, ताकि ग्लूटेन सेट हो जाए और कचौड़ी बेलते समय फटे नहीं।
अब आती है स्टफिंग की बारी। ताजी हरी मटर को दरदरा पीस लें। कढ़ाही में थोड़ा तेल गर्म करके जीरा, सौंफ, हींग, अदरक, हरी मिर्च भूनें। फिर मटर डालकर धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर और नमक मिलाएं। स्टफिंग को तब तक पकाएं जब तक उसकी नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए। सूखी और मसालेदार पिट्ठी ही कचौड़ी को अंदर से स्वादिष्ट बनाती है।
कचौड़ी भरते समय ध्यान रखें कि पिट्ठी अच्छी तरह बंद हो। बेलते वक्त ज्यादा दबाव न डालें, वरना कचौड़ी फट सकती है। तलने का असली सीक्रेट है धीमी आंच। कचौड़ियों को हल्के गरम तेल में डालकर लो फ्लेम पर धीरे-धीरे तलें। तेज आंच पर तलने से बाहर से रंग तो आ जाएगा, लेकिन वो खस्ता नहीं बनेगी। जब कचौड़ी सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तब निकाल लें।



